जैसे ही मैं ससुराल में घुसा, मेरी साली पेशाब की धार मारती हुई दरवाजे के पास नाले पर ही दिख गयी, खुली हुई चूत में से सीधी चमकदार पानी की धार किसी झरने जैसी छर्र छर्र बहती हुई नाले में जा रही थी। अब जिनको पेशाब कभी तेज तेज लगा हो तो वो जानते ही होंगे कि उस समय मूत को रोकना कितना कठिन होता है और...
कहानी के पहले भाग में मैने बताया कि कट्टो मेरी खेत की मजदूर की इंडियन गांड में मैने अपना लंड डाल दिया था। थोडी देर में लंड अंदर था और मैने धक्के लगाने शुरु कर दिये। वह अब धीरे धीरे चीख रही थी और मैने देखा, गांड के किनारे चिरक कर फ़ट गये थे। पंद्रह मिनट गांड मारने के बाद मैने अपना लंड उसके मुह...
दोस्तों कहानी के पहले भाग गुरुदक्षिणा में मिली कंवारी चूत, में बताया मैने कि कैसे लेक्चरर राजेश जिनको हम राजेश गुरु कहते थे, मेरट के एक कालेज में अपनी बीएड की कन्या को समय से पहले बुला कर प्रैक्टिस टीचिंग के दौरान चुदाई का जुगाड़ भिड़ा दिया। मैने बताया था कि सरला को उठा कर अपनी गोद में बिठाने...